this book inspires readers to unlock the hidden powers of their mind and create their own miracles
mainly because the topics have been discussed in a lucid manner
चौड़ाई व् ऊंचाई के परस्पर अनुपात की अनदेखी की जाए तब वह भी शायद विषम आकृति सरीखा अशुभ व् अनिष्टप्रद हो जाएगा I कारण -यह भूखण्ड वांछित ऊर्जा या शक्ति तरंगे उत्पन्न नहीं कर पाएगा I
ताजिक नीलकंठी मूलतः यवन ज्योतिष पर आधारित रचना है जिसमे वर्ग कुंडली के आधार पर जन्म के पश्चात के वर्षो के शुभाशुभ फल की व् प्रश्न कुंडली द्वारा आगामी शुभाशुभ की सटीक भविष्यवाणी की जाती है i इसमें आचार्य नीलकंठ ने यवन पद्धति का वैदिक ज्योतिष सिद्धान्तों के साथ समन्वय करके जहाँ एक ओर वैदिक ज्योतिष को एक नया आयाम दिया है वही दूसरी ओर दो संस्कृत्यों के संगम का पुनीत कार्य भी किया है i जहाँ जन्म कुंडली के द्वारा जातक के समय जीवन की रूप रेखा प्रस्तुत की जाती है वही किसी भी वर्ष की वर्ष कुंडली द्वारा इस वर्ष की सिमित अवधि में आने वाले शुभाशुभ फल का विस्तार पूर्वक सूक्ष्म विवेचन किया गया है i
Each fable imparts a moral lesson
Ashthanga Hridyam [Hindi] Kalamsa & Cuspal Interlinks Theory [English] this book inspires readers toAshthanga Hridyam [Hindi] by Prof. Ravidutt Tripathi [] . , , . , , , , , ,